नई दिल्ली, विशेष संवाददाता।
केंद्र सरकार ने निर्माण कंपनियों में ठेके पर कार्य जमीनी स्तर के लाखों इंजीनियरों (साइट इंजीनियर) सड़क सुरक्षा के प्रहरी बनाने का फैसला किया है। इसके लिए उनको विशेष तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे इंजीनियरों के कौशल बढ़ेगा और वह सड़क सुरक्षा ऑडिट के क्षेत्र में विशेषज्ञ की भूमिका में होंगे। उनके करियर की स्थिरता मजबूत होगी औेर पदोन्नति नए अवसर पैदा होंगे। वहीं इंजीनियर्स सड़क बनने से पहले सुरक्षा संबंधी सिफारिशें देकर या मौजूदा बुनियादी ढांचे में समस्याओं को दूर करके दुर्घटनाओं और चोटों को कम करने के लिए सड़क सुरक्षा तंत्र के महत्वपूर्ण क्षेत्रों को समझ सकेंगे।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के संविदा साइट इंजीनियरों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। इसका उद्देश्य उन्हें सड़क सुरक्षा लेखा परीक्षकों के रूप में तैयार करना है ताकि वे दुर्घटनाओं और चोटों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।
अधिकारी ने बताया कि इस नीति का प्राथमिक उद्देश्य विभाग के परियोजना कार्यान्वयन इकाइयों (पीआईयू) व क्षेत्रीय कार्यालयों (आरओ) से जुड़े संविदा साइट इंजीनियरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण उन्हें प्लानिंग और डिज़ाइन से लेकर संचालन और रखरखाव तक सड़क सुरक्षा लेखा परीक्षा प्रभावी ढंग से करने के लिए आवश्यक उन्नत ज्ञान और कौशल से लैस करेगा।
सरकार की ओर से उनको सड़क सुरक्षा लेखा परीक्षकों के लिए प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम जारी किया जाएगा। जिससे उनकी योग्यता बढ़ेगी और बेहतर वेतन-भत्ते पा सकेंगे। यह पाठ्यक्रम भारतीय राजमार्ग इंजीनियर अकादमी (आईएसएचई) नोएडा द्वारा संचालित किया जाएगा। उनके पास सिविल इंजीनियरिंग अनुशासन में न्यूनतम स्नातक की डिग्री होनी चाहिए।
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आईएसएचई साइट इंजीनियरों को विषय-वस्तु में प्रमुख रूप से जोखिम की पहचान करना, जोखिम मूल्यांकन और दुरुस्त करने की रणनीतियाँ, प्लानिंग, डिज़ाइन, निर्माण के दौरान सुरक्षा सहित सड़क सुरक्षा लेखा परीक्षा से संबंधित विषय पढ़ाए जांएगे। प्रशिक्षण का खर्च 85,000 रुपये आईएसएचई वहन करेगा।
जानकारों का दावा है कि प्रशिक्षण प्राप्त इंजीनियर्स को सड़क सुरक्षा लेखा परीक्षक के रूप में नई विशेष भूमिका मिलेगी। सड़क सुरक्षा पर सरकार के बढ़ते फोकस को देखते हुए यह विशेषज्ञता उनके करियर को एक नया आयाम देगी और उन्हें भविष्य की परियोजनाओं के लिए अत्यधिक योग्य बनाएगी।
एनएचएआई और सड़क परियोजनाओं में सुरक्षा ऑडिट एक अनिवार्य आवश्यकता बनती जा रही है। इससे प्रशिक्षित इंजीनियरों के लिए दीर्घकालिक रोजगार की सुरक्षा बढ़ जाएगी। इससे इंजीनियरों को उनके वर्तमान पद से ऊंचे पदों जैसे उप महाप्रबंधक (तकनीकी) अथवा सलाहकार के रूप में पदोन्नति के लिए तैयार कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार साइट इंजीनियर सालाना लगभग 2,23,464 कमाते हैं, जो अनुभव के साथ 5,00,000 या उससे अधिक हो सकता है। जबकि एनएचएआई में डिप्टी जनरल मैनेजर (टेक्निकल) पद पर चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 78,800 (सालाना 945600) से 2,09,200 (वार्षिक 2510400) तक का मासिक वेतन मिल सकता है।
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