
नियमों का उल्लंघन पर शुल्क का 20 गुणा जुर्माना
नई दिल्ली, अनिल सिंह चौहान
केंद्र सरकार ने ओवर साइज, ओवर डइमेंशन और ओवर वेट हैवी ट्रेलरों के राष्ट्रीय राजमार्गो (नेशनल हाइवे) पर चलने के नए नियम लागू कर लिए हैं। इनकी अवहेलना करने पर हाइवे पर चलने के किराये का 20 गुणा जुर्माना व एक साल का प्रतिबंध लगाया जा सकता है। सरकार ने यह फैसला आम जनता की सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे (राजमार्ग, पुलों, टनल) को नुकसान से बचाने के लिए किया है।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने इस बाबत 30 अक्तूबर 2025 को नए दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। इसमें उल्लेख है कि ट्रेलरों को विशेष सामान को ले जाने के लिए अनुमति मंत्रालय के पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन दी जाती है। सामान भेजने वाले (कंसाइनर), प्राप्त करने वाले (कंसाइनी) और ट्रांसपोर्टर को इस पोर्टल पर एक बार पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ट्रांसपोर्टर को पुल करने वाले ट्रैक्टर हाइड्रोलिक ट्रेलर और ड्राइवर का विवरण अपलोड करना होगा, आवेदन संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों (आरओ) को भेजा जाएगा। जिसे 7 दिनों के भीतर पुलों की स्थिति की समीक्षा करनी होगी। कोई आपत्ति नहीं होने पर शुल्क भुगतान के बाद अनुमति जारी कर दी जाएगी।
असुरक्षित पुलों पर ऐसी यात्राओं की अनुमति उन पुलों पर नहीं दी जाएगी जो क्षतिग्रस्त हैं (जिन्हें पोर्टल पर रेड या ऑरेंज कोड दिया गया है। ट्रांसपोर्टर को ऐसे मार्ग का चयन करना होगा जहाँ ओवरपास या अंडरपास जैसी कोई ऊर्ध्वाधर बाधा न हो, या फिर उन्हें बाधा वाली जगह से (मार्ग परिवर्तन) करना होगा। राष्ट्रीय राजमार्गों पर कुल यात्रा के हर 50 किलोमीटर या उसके हिस्से के लिए शुल्क लिया जाता है। 1200 से 4800 रुपये प्रति किलोमीटर का शुल्क ट्रेलर के साइज पर निर्भर करेगा।
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बॉक्स
नए नियमों का उल्लंघन पर सज़ा का प्रावधान किया गया है। निर्धारित सीमा से अधिक लोड (भार) पाया जाता है, तो वाहन की आवाजाही 7 दिनों के लिए रोक दी जाएगी। ट्रांसपोर्टर पर निर्धारित शुल्क का बीस गुना जुर्माना (1200 से 4800 रुपये प्रति किलोमीटर ) लगाया जाएगा, और उसे कम से कम एक वर्ष के लिए पोर्टल पर प्रतिबंधित कर दिया जाएगा
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ट्रेलर की एस्कॉर्ट टीम को सड़क पर अन्य वाहनों को दूर रखने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा संकेत (जैसे फ्लैग, लाइट या चेतावनी बोर्ड) का उपयोग करना होगा। किसी भी पुल-संरचना को पार करते समय ट्रेलर की अधिकतम गति 5 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे कम होनी चाहिए। पुल-संरचना पर चलते समय ब्रेक नहीं लगाए जाने चाहिए। जिस समय यह भारी ट्रेलर पुल पार कर रहा हो, उस समय पुल पर किसी अन्य वाहन को चलने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रांसपोर्टर के ज़िम्मेदार कर्मियों को पुल-संरचना को पार करने से पहले और बाद में उसकी जाँच करनी होगी। यदि कोई क्षति या असामान्य बात नोटिस की जाती है, तो तुरंत संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को ईमेल द्वारा सूचित करना होगा। इसके अलावा भूकंप के दौरान, हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक होने पर, पुल पर नदी पर पानी का बहाव न्यूनतम होने पर ही ट्रेलर चलाए जाएंगे।
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नए नियमों का उल्लंघन पर सज़ा का प्रावधान किया गया है। निर्धारित सीमा से अधिक लोड (भार) पाया जाता है, तो वाहन की आवाजाही 7 दिनों के लिए रोक दी जाएगी। ट्रांसपोर्टर पर निर्धारित शुल्क का बीस गुना जुर्माना (1200 से 4800 रुपये प्रति किलोमीटर ) लगाया जाएगा, और उसे कम से कम एक वर्ष के लिए पोर्टल पर प्रतिबंधित कर दिया जाएगा
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ट्रेलर की एस्कॉर्ट टीम को सड़क पर अन्य वाहनों को दूर रखने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा संकेत (जैसे फ्लैग, लाइट या चेतावनी बोर्ड) का उपयोग करना होगा। किसी भी पुल-संरचना को पार करते समय ट्रेलर की अधिकतम गति 5 किलोमीटर प्रति घंटा या उससे कम होनी चाहिए। पुल-संरचना पर चलते समय ब्रेक नहीं लगाए जाने चाहिए। जिस समय यह भारी ट्रेलर पुल पार कर रहा हो, उस समय पुल पर किसी अन्य वाहन को चलने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रांसपोर्टर के ज़िम्मेदार कर्मियों को पुल-संरचना को पार करने से पहले और बाद में उसकी जाँच करनी होगी। यदि कोई क्षति या असामान्य बात नोटिस की जाती है, तो तुरंत संबंधित क्षेत्रीय अधिकारियों को ईमेल द्वारा सूचित करना होगा। इसके अलावा भूकंप के दौरान, हवा की गति 40 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक होने पर, पुल पर नदी पर पानी का बहाव न्यूनतम होने पर ही ट्रेलर चलाए जाएंगे।
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