हाईवे पर पेट्रोल पंप, रेस्ट एरिया की फाइलें नहीं दौड़ेंगी दिल्ली

NHAI's safety alert system will make highway travel safer.
NHAI's safety alert system will make highway travel safer.

ईज आफ डूइंग बिजनेस के तहत आरओ को दी शक्ति

नई दिल्ली, अतुल सिंह (सोनू)
नेशनल हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट या अन्य यात्री सुविधाओं की मंजूरी के लिए फाइलों को दिल्ली नहीं दौड़ना पड़ेगा। ईज आफ डूइंग बिजनेस के तहत क्षेत्रीय अधिकारियों को शक्ति प्रदान की गई है। इससे लाला फीताशाही पर अंकुश लगेगा।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 27 नवंबर को इस बाबत प्ररिपत्र जारी कर दिया है। इसमें उल्लेख है कि हाईवे के किनारे उपरोक्त परियोजनाएं को शुरू करने या उनकी मंजूरी की समय-सीमा बढ़ाने के लिए बार-बार दिल्ली (मंत्रालय) के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पूर्व में पेट्रोल पंप, सीएनजी पंप, रेस्त्रां, फूडकोर्ट, शापिंग कॉपलेक्स आदि के लिए मिली सैद्धांतिक मंजूरी की समय-सीमा समाप्त होने पर फाइल मंत्रालय के पास भेजना पड़ता था। यह एक लंबी प्रक्रिया थी।

सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। अब यह शक्ति क्षेत्रीय अधिकारी (आरओ) और चीफ इंजीनियर्स को दे दी है। यानी अब आपके राज्य या क्षेत्र में बैठने वाले बड़े अधिकारी ही मंजूरी की वैधता को विस्तार कर सकेंगे।
मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इससे समय की बचत होगी। फाइलों को मंजूरी मिलने में महीनों का समय नहीं लगेगा और उक्त प्रोजेक्ट जल्द पूरे होंगे।
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इन-प्रिंसिपल अप्रूवल’ का अर्थ है यदि कोई व्यक्ति हाईवे किनारे पेट्रोल पंप या रेस्त्रां खोलना चाहता है, तो उसे पहले एक शुरुआती मंजूरी मिलती है। इसकी एक निश्चित समय-सीमा होती है (एक या दो साल)। अगर इस समय में काम शुरू नहीं हो पाया, तो मंजूरी रिन्यू करानी पड़ती है। यह नया नियम इसी रिन्यूअल को आसान बनाने के लिए है।
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