
नई दिल्ली, प्रबल सिंह
यूआईडीएआई (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण) ने आधार कार्ड के नए ऐप को डिजिटल पहचान प्रबंधन को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और कागज़ रहित बनाने के उद्देश्य से शुरू किया है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नए एप के बारे में विस्तार से बताया है।
पेपरलेस पहचान : अब आपको हर जगह अपने आधार कार्ड की भौतिक प्रति साथ रखने की ज़रूरत नहीं है। आपका आधार कार्ड आपके स्मार्टफोन में सुरक्षित रूप से डिजिटल रूप में मौजूद रहेगा।
क्यूआर कोड और फेस स्कैन: पहचान सत्यापन के लिए इस ऐप में क्यूआर कोड स्कैनिंग और फेस रिकग्निशन (चेहरा स्कैन) जैसे आधुनिक और तेज़ तरीके दिए गए हैं।
बढ़ी हुई सुरक्षा और गोपनीयता चुनिंदा डेटा साझाकरण : यह सबसे बड़ा फीचर है। आप अब यह तय कर सकते हैं कि सत्यापन के समय आपकी कौन-सी जानकारी साझा की जाए। उदाहरण: यदि आपको केवल नाम और फोटो दिखानी है, तो आप अपने पते या जन्मतिथि जैसी अन्य संवेदनशील जानकारी को छिपा सकते हैं।
बायोमेट्रिक लॉक-अनलॉक: यह सुविधा आपको अपने बायोमेट्रिक डेटा (फिंगरप्रिंट, आइरिस) को लॉक करने की अनुमति देती है, जिससे कोई भी अनधिकृत व्यक्ति आपके बायोमेट्रिक का उपयोग नहीं कर पाएगा। ज़रूरत पड़ने पर आप इसे स्वयं अनलॉक कर सकते हैं।
फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य: ऐप में लॉग-इन और सेटअप के दौरान चेहरे का सत्यापन अनिवार्य किया गया है, जो सुरक्षा को एक और स्तर ऊपर ले जाता है।
उपयोग इतिहास : आप ऐप में यह ट्रैक कर सकते हैं कि आपका आधार कब और कहाँ इस्तेमाल किया गया है।
परिवार के लिए एक ही जगह पर प्रबंधन
मल्टी-प्रोफाइल मैनेजमेंट: यदि परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड एक ही पंजीकृत मोबाइल नंबर से लिंक हैं, तो आप एक ही ऐप में अधिकतम पाँच प्रोफाइल (परिवार के 5 सदस्यों का आधार) सुरक्षित रूप से जोड़कर उनका प्रबंधन कर सकते हैं।
ऑफ़लाइन पहुँच प्रारंभिक सेटअप के बाद, आप इंटरनेट कनेक्शन न होने पर भी अपने आधार विवरण और डिजिटल कॉपी को देख सकते हैं (कुछ सीमित सुविधाओं के साथ)।
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बॉक्स
10 साल पुराना आधार अपडेट: यूआईडीएआई ने उन सभी निवासियों से अपने पहचान प्रमाण और पते के प्रमाण दस्तावेजों को अपडेट करने का आग्रह किया है, जिनका आधार 10 साल पहले बना था और उन्होंने कभी अपडेट नहीं कराया है।
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