
नई दिल्ली, लक्ष्मी सिंह
केंद्र सरकार निजी कारों की सुरक्षा रेटिंग-02 के नए मानक जल्द लागू करने जा रही है। इसके तहत हैचबैक, सेडान, एसयूवी और एमपीवी कारों भारत न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम-02 (भारत एनकैप-02) संबंधी ड्राफ जारी कर दिया है। सरकार ने हितधारको से 20 दिसंबर तक सुझाव-आपत्ति मांगी है। इसके पश्चात कारों की सुरक्षा रेटिंग के नए मानक लागू कर दिए जाएंगे।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 21 नवंबर को भारत एनकैप-02 सुरक्षा रेटिंग संबंधी ड्राफ्ट जारी कर दिया है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत एनकैप कार्यक्रम स्वैच्छिक है। इसके तहत एम1 श्रेणी के यात्री कारों को क्रैश टेस्ट किया जाएगा। एनकैप व्यवस्था वजन 3500 किलोग्राम या उससे कम वजन की कारों पर लागू होगा। सुरक्षा रेटिंग मूल्यांकन के 5 प्रमुख बिंदुओं को शामिल किया गया है। कारों के प्रदर्शन पर आधार पर 100 नंबर दिए जांएगे।
अधिकारी ने बताया कि सुरक्षित ड्राइविंग का वेटेज 10 फीसदी होगा। इसमें ड्राइवर को चेतावनी देने वाली तकनीकें शामिल हैं। सीट-बेल्ट रिमाइंडर, ड्राइवर की नींद की चेतावनी (डीडीएडब्ल्यू), ब्लाइंड स्पॉट डिटेक्शन और स्पीड लिमिट शामिल होगी। इसके अलावा दुर्घटना से बचाव के लिए 10 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा।इसमें ऐसी तकनीकें शामिल हैं जो दुर्घटना को रोकने में मदद करती हैं। कार में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) और ऑटोनॉमस इमरजेंसी ब्रेकिंग (एईबी) होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि क्रैश सुरक्षा के लिए 55 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। यह सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें गाड़ी के अंदर बैठे वयस्कों और बच्चों की सुरक्षा का परीक्षण किया जाता है। कमजोर सड़क उपयोगकर्ता संरक्षण का वेटेज 20 प्रतिशत होगा। जिसमें पैदल चलने वालों और मोटरसाइकिल सवारों की सुरक्षा के लिए बंपर इम्पैक्ट टेस्ट परीक्षण होगा।
क्रैश के बाद सुरक्षा के उपायों को 5 फीसदी वेटेज दिया जाएगा। इसमें रेस्क्यू शीट, मल्टी-कलिज़न ब्रेकिंग, ई-कॉल (एसओेएस), और दरवाज़े खुलने में आसानी जैसी सुविधाओं का आकलन होगा। स्टार रेटिंग के लिए पात्र होने के लिए वाहन में इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) और साइड हेड प्रोटेक्शन (कर्टेन एयरबैग) मानक फिटमेंट के रूप में होना अनिवार्य है। 5-स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए वाहन को कम से कम 70 अंक हासिल करना होगा।
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अधिकारी ने बताया कि भारत एनकैप 2023 में लागू किया गया था। इसके अनुभव के आधार पर सड़क परिवहन मंत्रलाय ने भारत-एनकैप-02 लागू करने का फैसला किया है। इसमें नई कारों के मॉडल में नई तकनीक व फीचर को शामिल किया गया है। क्रैश टेस्ट में कारों को आगे, पीछे व साइट से अलग अलग रफ्तार से टकराया जाता है। इसमें कारों की क्षति और कार में बैठे ड्राइवर व यात्रियों को लगाने चोट की गंभीरता को देखकर सुरक्षा रेटिंग की जाती है। इसके लिए कार के आगे डमी पुतलों व पीछे 10 साल तक के बच्चों के डमी पुतलों को बिठाया जाता है।
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