
गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा, सुविधाओं को लेकर बनेगा रिपोर्ट कार्ड
नई दिल्ली, लक्ष्मी सिंह
केंद्र सरकार ने निर्माण कंपनियों पर नकेल कसते हुए नए साल में राष्ट्रीय राजमार्गो को नई रेटिंग प्रणाली के दायरे में लाने का फैसला किया है। सड़कों की गुणवत्ता, सड़क सुरक्षा, रख रखाव आदि को लेकर हर साल उनका रिपोर्ट कार्ड तैयार किया जाएगा। नई व्यवस्था में आम जनता भी रेटिंग कर सकेगी। खराब प्रदर्शन करने वाली कंपनियों पर दंडनात्मक कार्रवाई की जाएगी, इसके अलावा नई राजमार्ग परियोजनाएं हासिल करने में मुश्किल होगा।
सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने 27 नवंबर को उक्त प्रस्ताव जारी करते हुए हितधारकों से 10 दिसंबर तक सुझाव-आपत्ति मांगी है। इसके पश्चात दिसंबर के अंत अथवा जनवरी के प्रथम सप्ताह में राजमार्गो के लिए नई रेटिंग व्यवस्था लागू हो जाएगी। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित रेटिंग सिस्टम स्कूल के रिपोर्ट कार्ड जैसा होगा।
सरकार ठेकेदारों के कामकाज को परखने के लिए कुल 100 नंबर की रेटिंग करेगा। इसमें राजमार्ग की गुणवत्ता के लिए 40 नंबर होंगे। समय पर परियोजना पूरी पर 30 नंबर दिए जांएगे। मरम्मत और रखरखाव के 10 नंबर, सड़क सुरक्षा के 5 नंबर, जनता की राय के 10 नंबर आदि मुद्दों को रेटिंग में शामिल किया गया है। अधिकारी ने बताया कि रेटिंग में निगेटिव नंबर भी दिए जाएंगे। यदि सड़क की गुणवत्ता घटिया पाई गई तो 30 नंबर तक काटे जा सकते हैं। पुल या सड़क के जोड़ पर गाड़ी उछलती है, तो नंबर कटेंगे। ढांचा गिरने या बड़ी दरार आती है तब भी नंबर में भारी कटौती होगी।
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राजमार्ग क्षेत्र के जानकारों का कहना है कि रेटिंग सिस्टम भारत को विकसित देशों की कतार में खड़ा करता है। अभी तक भारत में अक्सर सबसे कम बोली लगाने वाले को ठेका मिलता था, चाहे उसका पिछला रिकॉर्ड कैसा भी हो। लेकिन अब यह व्यवस्था बदलेगी।
सिंगापुर में कंस्ट्रक्शन क्वालिटी असेसमेंट सिस्टम है, जहां क्वालिटी ही सब कुछ है। भारत का नया सिस्टम इसी तर्ज पर सख्त है। ब्रिटेन और अमेरिका में परफॉर्मेंस बेस्ड कॉन्ट्रैक्टिंग होती है। यानी सड़क सिर्फ बनाना नहीं उसे 10-15 साल तक सही रखना ठेकेदार की जिम्मेदारी होती है।
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रेटिंग सिस्टम में जनता की आवाज़ सुनी जाएगी। रेटिंग में 10 नंबर आम जनता देगी। राजमार्ग यात्रा ऐप या 1033 हेल्पलाइन के जरिए शिकायत कर सकते हैं और ठेकेदार को रेटिंग दे सकते हैं। रेटिंग से
ब्लैक स्पॉट्स को ठीक न करने पर ठेकेदार के नंबर कटेंगे। एंबुलेंस और पेट्रोलिंग गाड़ी की सुविधा भी रेटिंग का हिस्सा होगी।
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