मेरा पर्स चाहिए, बात खत्म : इंदौर-दिल्ली ट्रेन की महिला यात्री

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पर्स चोरी होने पर महिला का फूटा गुस्सा: AC कोच में तोड़ा ट्रेन का शीशा

नई दिल्ली, अनिल सिंह चौहान
ट्रेन में सफर के दौरान महिला यात्री का पर्स चोरी होने पर उसने अपना गुस्सा एसी कोच का शिशा तोड़कर निकाला। यह स्थित तब पैदा हुई जब महिला ने कथितरूप से रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से मदद मांगी लेकिन उसकी किसी ने नहीं सुनी। फिर क्या महिला यात्री ने अपना सारा गुस्सा एसी कोच के खिड़की पर उतारना शुरू कर दिया। वायरल वीडियों में वह स्पष्ट रूप से चिल्लाती हुई सुनी जा सकती है, मेरा पर्स चाहिए, बात खत्म।

रेलवे सूत्रों ने बताया कि इंदौर-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन में 29 अक्टूबर को महिला यात्री सफर कर रही थी। इस बीच किसी ने उसका पर्स चोरी कर लिया। इस घटना से महिला बहुत परेशान हो गईं। उन्होंने कथित तौर पर तुरंत रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से संपर्क किया और मदद मांगी।
हालांकि, महिला का आरोप है कि उन्हें आरपीएफ की ओर से कोई सहायता नहीं मिली या उनकी शिकायत को नजरअंदाज कर दिया गया। अधिकारियों की तरफ से कोई कार्रवाई न होने से महिला का गुस्सा फूट पड़ा। उसके पास बैठे एक यात्री ने इस घटना का वीडिया बना लिया। वीडियो में महिला अपने सीट पर बैठी हुई है और उसके पास ही एक छोटा बच्चा भी बैठा है।

गुस्से में महिला ने अपने हाथ में एक ट्रे ली और उससे अपनी सीट के पास वाली AC कोच की खिड़की के शीशे पर बार-बार वार करना शुरू कर दिया। बार-बार वार करने से कुछ ही देर में पूरा शीशा टूटकर बिखर गया, और कांच के टुकड़े सीट तथा फर्श पर फैल गए। वह स्पष्ट रूप से चिल्लाती हुई सुनी जा सकती हैं: मेरा पर्स चाहिए, बात खत्म। इस दौरान कोच के अंदर और बाहर मौजूद यात्री तथा रेलवे स्टाफ हक्के-बक्के रह गए और कुछ लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश भी की, लेकिन वह नहीं रुकीं।
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समर्थन: कुछ यूजर्स ने महिला के प्रति सहानुभूति व्यक्त की और कहा कि रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
विरोध: कई लोगों ने सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के लिए महिला के इस कृत्य की निंदा की।
बच्चे की सुरक्षा: सबसे बड़ी चिंता उस छोटे बच्चे की सुरक्षा को लेकर व्यक्त की गई जो पूरी घटना के दौरान महिला के पास बैठा था और टूटे शीशे के टुकड़ों से घायल हो सकता था।
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सूत्रों के अनुसार रेलवे सेवा ने सोशल मीडिया पर इस मामले को संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजने की पुष्टि की है, लेकिन महिला के खिलाफ या आरपीएफ कर्मचारियों के खिलाफ किसी विशिष्ट कार्रवाई की जानकारी अभी सार्वजनिक नहीं की गई है।

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